# भौतिकी
## गति
### गति के नियम
न्यूटन के गति के नियम भौतिकी की नींव हैं। ये नियम वस्तुओं की गति और उन पर लगने वाले बलों के बीच संबंध को समझाते हैं।
#### न्यूटन का पहला नियम (जड़ता का नियम)
न्यूटन का पहला नियम कहता है:
> एक वस्तु आराम की अवस्था में रहेगी या सीधी रेखा में निरंतर वेग से गति करती रहेगी जब तक कि उस पर कोई बाह्य बल न लगे।
इसका अर्थ है कि यदि कोई वस्तु स्थिर है तो वह स्थिर ही रहेगी, और यदि कोई वस्तु गतिशील है तो वह अपनी गति को निरंतर बनाए रखेगी (गति की दिशा और चाल दोनों को) जब तक कि कोई बाह्य बल उस पर कार्य नहीं करता।
**उदाहरण:** एक हॉकी का पक अंतरिक्ष में फिसलता रहता है क्योंकि बहुत कम घर्षण होता है। पृथ्वी पर घर्षण एक बाह्य बल है जो अंततः पक को रोक देता है।
#### न्यूटन का दूसरा नियम (त्वरण का नियम)
न्यूटन का दूसरा नियम कहता है:
> एक वस्तु पर लगने वाला कुल बल उस वस्तु के त्वरण के समानुपाती होता है और त्वरण बल की दिशा में होता है।
इसे गणितीय रूप से इस प्रकार व्यक्त किया जाता है:
**F = ma**
जहाँ:
- **F** = कुल बल (न्यूटन में)
- **m** = द्रव्यमान (किलोग्राम में)
- **a** = त्वरण (मीटर/सेकंड² में)
**उदाहरण:** यदि आप 10 kg के वॉलीबॉल को 5 m/s² के त्वरण से धकेलते हैं, तो लगने वाला बल है:
F = 10 kg × 5 m/s² = **50 N**
#### न्यूटन का तीसरा नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम)
न्यूटन का तीसरा नियम कहता है:
> हर क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।
जब भी कोई वस्तु किसी दूसरी वस्तु पर बल लगाती है, तो दूसरी वस्तु भी पहली वस्तु पर बराबर और विपरीत बल लगाती है।
**उदाहरण:** जब आप दीवार पर धकेलते हैं, तो दीवार भी आप पर बराबर और विपरीत बल लगाती है। यही कारण है कि आपको लगता है कि दीवार "धकेल रही है"।
### बल और उनके प्रकार
#### गुरुत्वाकर्षण बल
गुरुत्वाकर्षण बल किसी भी दो वस्तुओं के बीच आकर्षण बल है। पृथ्वी पर, यह बल वस्तुओं को नीचे की ओर खींचता है।
**F = mg**
जहाँ:
- **m** = वस्तु का द्रव्यमान
- **g** = गुरुत्वाकर्षण त्वरण (पृथ्वी पर ≈ 9.8 m/s²)
#### सामान्य बल
सामान्य बल एक सतह द्वारा किसी वस्तु पर लगाया गया बल है जो उस वस्तु को सतह के खिलाफ धकेलता है। यह बल सतह के लंबवत होता है।
#### घर्षण बल
घर्षण बल एक सतह द्वारा लगाया गया बल है जो किसी वस्तु की गति का विरोध करता है। यह बल सतह के समानांतर होता है और गति की विपरीत दिशा में होता है।
### कार्य और ऊर्जा
#### कार्य
भौतिकी में, कार्य तब किया जाता है जब कोई बल किसी वस्तु को उस बल की दिशा में स्थानांतरित करता है।
**W = F × d × cos(θ)**
जहाँ:
- **W** = कार्य (जूल में)
- **F** = लगाया गया बल
- **d** = विस्थापन
- **θ** = बल और विस्थापन के बीच का कोण
#### ऊर्जा के प्रकार
**स्थितिज ऊर्जा (GPE):** ऊर्जा जो किसी वस्तु के कारण उसकी स्थिति के कारण होती है।
**GPE = mgh**
**गतिज ऊर्जा (KE):** ऊर्जा जो किसी वस्तु के कारण उसकी गति के कारण होती है।
**KE = ½mv²**
#### ऊर्जा संरक्षण
ऊर्जा संरक्षण का नियम कहता है:
> ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न ही नष्ट की जा सकती है; यह केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित हो सकती है।
### गति के प्रकार
#### सरल रेखीय गति
सरल रेखीय गति तब होती है जब कोई वस्तु सीधी रेखा में गति करती है।
**प्रमुख सूत्र:**
- **v = v₀ + at**
- **d = v₀t + ½at²**
- **v² = v₀² + 2ad**
#### प्रक्षेप्य गति
प्रक्षेप्य गति दो-आयामी गति है जो क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों दिशाओं में होती है। गुरुत्वाकर्षण प्रक्षेप्य गति को प्रभावित करता है।
**प्रमुख बिंदु:** क्षैतिज वेग स्थिर रहता है (यदि हवा का प्रतिरोध न हो), जबकि ऊर्ध्वाधर वेग गुरुत्वाकर्षण के कारण बदलता रहता है।
#### वृत्तीय गति
वृत्तीय गति तब होती है जब कोई वस्तु वृत्ताकार पथ पर गति करती है।
**कोणीय वेग (ω):** कोणीय विस्थापन पर समय की दर
**रैखिक वेग (v):** v = rω
**केन्द्रापसारक त्वरण:** a = v²/r = rω²
### गुरुत्वाकर्षण
#### सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण का नियम
सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण का नियम कहता है:
> ब्रह्मांड की हर वस्तु हर दूसरी वस्तु को एक बल से आकर्षित करती है जो उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
**F = G(m₁m₂)/r²**
जहाँ:
- **F** = गुरुत्वाकर्षण बल
- **G** = सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg²)
- **m₁, m₂** = वस्तुओं का द्रव्यमान
- **r** = वस्तुओं के केंद्रों के बीच की दूरी
#### गुरुत्वीय क्षेत्र
गुरुत्वीय क्षेत्र वह क्षेत्र है जिसमें किसी वस्तु पर बल लगता है। पृथ्वी का गुरुत्वीय क्षेत्र लगभग 9.8 N/kg है।
#### कक्षीय गति
कक्षीय गति तब होती है जब कोई वस्तु गुरुत्वाकर्षण बल के कारण दूसरी वस्तु के चारों ओर वृत्ताकार पथ पर गति करती है। कक्षीय गति के लिए आवश्यक वेग को कक्षीय वेग कहा जाता है।
**v = √(GM/r)**
जहाँ:
- **G** = सार्वभौमिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक
- **M** = केंद्रीय वस्तु का द्रव्यमान
- **r** = कक्षा की त्रिज्या
### दोलन और तरंगें
#### सरल आवर्त दोलन
सरल आवर्त दोलन एक बार बार होने वाली गति है जो एक साम्य स्थिति के आसपास होती है।
**प्रमुख सूत्र:**
- **T = 1/f** (आवर्त = 1/आवृत्ति)
- **ω = 2πf** (कोणीय आवृत्ति)
#### तरंगें
तरंगें ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानांतरित करती हैं। तरंगों के दो प्रमुख प्रकार हैं:
**अनुदैर्ध्य तरंगें:** कणों की कंपन दिशा तरंग के प्रसार की दिशा में होती है
**अनुप्रस्थ तरंगें:** कणों की कंपन दिशा तरंग के प्रसार की दिशा के लंबवत होती है
**तरंग वेग:** v = fλ
जहाँ:
- **v** = तरंग वेग
- **f** = आवृत्ति
- **λ** = तरंग दैर्ध्य
#### ध्वनि तरंगें
ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें हैं जिन्हें सुनना संभव है। ये अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं जिन्हें ध्वनि के माध्यम से प्रसारित किया जाता है।
**ध्वनि की चाल हवा में:** लगभग 343 m/s (20°C पर)
#### प्रकाश तरंगें
प्रकाश तरंगें विद्युतचुंबकीय तरंगें हैं जिन्हें मानव आंखें देख सकती हैं। ये अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं और किसी माध्यम की आवश्यकता के बिना निर्वात में प्रसारित हो सकती हैं।
**प्रकाश की चाल निर्वात में:** 3.00 × 10⁸ m/s (सेकंड में 300,000 किलोमीटर)
### द्रव और गैसें
#### दबाव
दबाव बल प्रति इकाई क्षेत्रफल है।
**P = F/A**
इकाई: पास्कल (Pa) = 1 N/m²
#### आर्किमिडीज़ का सिद्धांत
आर्किमिडीज़ का सिद्धांत कहता है:
> किसी द्रव में डूबी हुई किसी वस्तु पर उत्पन्न उर्ध्वाधर बल उस वस्तु द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर होता है।
#### पास्कल का सिद्धांत
पास्कल का सिद्धांत कहता है:
> द्रव में लगाया गया दबाव द्रव के प्रत्येक बिंदु पर समान रूप से प्रसारित होता है।
#### बर्नौली का सिद्धांत
बर्नौली का सिद्धांत कहता है:
> किसी द्रव की गति बढ़ने पर उसका दबाव घटता है।
यह सिद्धांत विमान के पंखों और कार्ब्यूरेटर जैसे उपकरणों को समझाने में मदद करता है।
### ऊष्मागतिकी
#### ऊष्मा के प्रकार
**ऊष्मा की मात्रा:** ऊष्मा स्थानांतरण जिससे तापमान बदलता है
**गुप्त ऊष्मा:** ऊष्मा स्थानांतरण जिससे चरण बदलता है (तापमान स्थिर रहता है)
#### ऊष्मा स्थानांतरण के तरीके
**संवहन:** ऊष्मा स्थानांतरण द्रव गति द्वारा
**संचालन:** ऊष्मा स्थानांतरण कणों के बीच टक्करों द्वारा
**विकिरण:** ऊष्मा स्थानांतरण विद्युतचुंबकीय तरंगों द्वारा
#### ऊष्मा का पहला नियम
ऊष्मा का पहला नियम (ऊर्जा संरक्षण) कहता है:
> किसी प्रणाली में ऊर्जा में वृद्धि उस प्रणाली में जोड़ी गई ऊष्मा से समान होती है घटा वह कार्य जो प्रणाली द्वारा किया जाता है।
#### ऊष्मा का दूसरा नियम
ऊष्मा का दूसरा नियम कहता है:
> ऊष्मा स्वतः ही ठंडी वस्तुओं से गर्म वस्तुओं की ओर प्रवाहित नहीं होती है।
### विद्युतचुंबकत्व
#### स्थिर आवेश
**कूलॉम का नियम:** F = k(q₁q₂)/r²
**विद्युत क्षेत्र:** E = F/q
**विद्युत विभव:** V = PE/q
#### सर्किट
**ओम का नियम:** V = IR
**विद्युत शक्ति:** P = IV
**समानांतर और श्रेणी सर्किट:** विभिन्न नियम और विशेषताएं
#### चुंबकत्व
**चुंबकीय क्षेत्र:** चुंबकीय बलों के आसपास का क्षेत्र
**फ्लेमिंग का बाएं हाथ का नियम:** गति, क्षेत्र और धारा के बीच संबंध
#### विद्युतचुंबकीय प्रेरण
**फैराडे का नियम:** प्रेरित विद्युत वाहक बल चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है
### आधुनिक भौतिकी
#### विशेष सापेक्षता
**समय विस्तार:** गति समय को धीमा कर देती है
**लंबाई संकुचन:** गति लंबाई को घटा देती है
**द्रव्यमान-ऊर्जा समतुल्यता:** E = mc²
#### क्वांटम यांत्रिकी
**तरंग-कण द्वैत:** कण तरंगों के रूप में व्यवहार करते हैं
**अनिश्चितता का सिद्धांत:** स्थिति और संवेग दोनों को एक सा�line निर्धारित नहीं किया जा सकता है
#### परमाणु भौतिकी
**बोर मॉडल:** इलेक्ट्रॉन कक्षाएं
**परमाणु स्पेक्ट्रा:** अवशोषण और उत्सर्जन रेखाएं
#### नाभिकीय भौतिकी
**रेडियोधर्मिता:** अल्फा, बीटा, गामा किरणें
**नाभिकीय अभिक्रियाएं:** नाभिकीय विखंडन और संलयन
**E = mc²:** नाभिकीय अभिक्रियाओं में ऊर्जा उत्पादन