CUET-UG के लिए न्यूमेरिकल मेथड्स की तैयारी कैसे करें?
अपेक्षित भार
संख्यात्मक विधियों के लिए सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET) पिछले तीन वर्षों (2022–2024) में विकसित हुई है। नीचे पिछले रुझानों के आधार पर अंकन पैटर्न और अध्यायवार भार का विस्तृत विश्लेषण दिया गया है:
1. समग्र अंकन पैटर्न (2022–2024)
- कुल प्रश्न: 40–50 (बहुविकल्पीय)
- प्रति प्रश्न अंक: सही के लिए +5, गलत के लिए -1 (अधिकांश खंडों में)
- अवधि: 45–60 मिनट
- पाठ्यक्रम कवरेज: NCERT कक्षा 12 लागू गणित + अतिरिक्त विषयों पर आधारित।
2. अध्यायवार भार (रुझान विश्लेषण)
यहाँ प्रमुख अध्यायों में अंकों का अनुमानित वितरण दिया गया है:
| अध्याय | 2022 | 2023 | 2024 | रुझान |
|---|---|---|---|---|
| समीकरणों के संख्यात्मक हल (द्विभाजन, न्यूटन-रैफसन आदि) | 15–20% | 20–25% | 20–25% | बढ़ता हुआ |
| अंतरपालन सीमित अंतर (न्यूटन/गॉस, लाग्रांज आदि) | 20–25% | 15–20% | 15–20% | थोड़ा घटता हुआ |
| संख्यात्मक समाकलन (ट्रैपेज़ॉइडल, सिम्पसन नियम) | 15–20% | 15–20% | 15% | स्थिर |
| संख्यात्मक अवकलन | 10–15% | 10–15% | 10% | घटता हुआ |
| रैखिक बीजगणित (आव्यूह संचालन, गॉस विलोपन) | 10–15% | 15% | 15–20% | बढ़ता हुआ |
| सामान्य अवकल समीकरण (यूलर, RK विधियाँ) | 10–15% | 10–15% | 10–15% | स्थिर |
| त्रुटियाँ और सन्निकटन | 5–10% | 5% | 5% | घटता हुआ |
3. प्रमुख प्रेक्षण
- रूट-फाइंडिंग लीनियर अल्जेबर पर बढ़ता फोकस:
- न्यूटन-रैफसन, मैट्रिक्स विधियाँ (गॉस एलिमिनेशन) को 2023–24 में अधिक वेटेज मिला।
- न्यूमेरिकल डिफरेंशिएशन एरर्स का घटता वेटेज:
- ये विषय अब केवल 1–2 प्रश्नों तक सीमित हैं।
- स्थिर विषय:
- न्यूमेरिकल इंटीग्रेशन (ट्रैपेज़ॉइडल/सिम्पसन रूल) और ODE (यूलर मेथड) लगातार बने हुए हैं।
- एप्लिकेशन-बेस्ड प्रश्न:
- हाल के पेपरों में अधिक प्रॉब्लम-सॉल्विंग प्रश्न हैं (जैसे इंटरपोलेशन के रियल-लाइफ एप्लिकेशन)।
4. तैयारी के टिप्स
- प्रायोरिटी चैप्टर्स:
- न्यूमेरिकल सॉल्यूशन ऑफ इक्वेशंस (न्यूटन-रैफसन, बाइसेक्शन)।
- इंटरपोलेशन (लाग्रांज, न्यूटन डिवाइडेड डिफरेंस)।
- लीनियर अल्जेब्रा (मैट्रिक्स सॉल्यूशंस)।
- प्रैक्टिस:
- पिछले वर्षों के CUET पेपर (2022–24) हल करें।
- एरर एनालिसिस और अप्रॉक्सिमेशन कॉन्सेप्ट्स पर फोकस करें।
- अधिक ज़ोर न दें:
- न्यूमेरिकल डिफरेंशिएशन और थ्योरेटिकल एरर डेरिवेशन अब कम आते हैं।
5. अपेक्षित बदलाव (2025)
- संभावित शिफ्ट: कम्प्यूटेशनल मेथड्स पर अधिक ज़ोर (जैसे इटरेटिव सॉल्यूशंस, प्रोग्रामिंग-बेस्ड न्यूमेरिकल टेक्निक्स)।
- NCERT संरेखण: कक्षा 12 एप्लाइड मैथमेटिक्स सिलेबस के साथ मज़बूत लिंकेज।
विषय-वार विस्तृत प्रश्नों के लिए, आधिकारिक CUET प्रैक्टिस पेपर्स या NCERT एक्ज़ेम्पलर प्रॉब्लम्स देखें।
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