CUET-UG के लिए डिफरेंशियल इक्वेशन की तैयारी कैसे करें?
अपेक्षित भार
गणित के लिए सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET) में अवकल समीकरण (DE) को एक प्रमुख विषय के रूप में शामिल किया गया है। नीचे पिछले 3 वर्षों (2022-2024) के लिए उपलब्ध रुझानों और पिछले प्रश्नपत्रों के आधार पर DE के अंकन पैटर्न और अध्याय-वार भार का विश्लेषण दिया गया है।
1. CUET (UG) में अवकल समीकरण का समग्र भार
- विषय: गणित (कोड: 306)
- गणित में कुल प्रश्न: 50 (40 का प्रयास करना है)
- प्रति प्रश्न अंक: +5 (सही), -1 (गलत)
- DE का अनुमानित भार: 10-15% (वार्षिक रूप से भिन्न)
- अपेक्षित प्रश्न: 4-6 (40 में से)
2. अध्याय-वार विभाजन (पिछले 3 वर्ष)
CUET में अवकल समीकरण आमतौर पर निम्नलिखित उप-विषयों को कवर करता है जिनका भार भिन्न-भिन्न होता है:
| अध्याय/विषय | 2022 | 2023 | 2024 (अपेक्षित) | रुझान |
|---|---|---|---|---|
| DE की कोटि और घात | 1-2 प्रश्न | 1 प्रश्न | 1 प्रश्न | स्थिर |
| DE का निर्माण | 1 प्रश्न | 1 प्रश्न | 1 प्रश्न | स्थिर |
| रैखिक DE (प्रथम कोटि) | 2 प्रश्न | 2 प्रश्न | 2-3 प्रश्न | बढ़ता |
| सजातीय DE | 1 प्रश्न | 1 प्रश्न | 1 प्रश्न | स्थिर |
| यथातथ्य DE समाकलन गुणांक | 1 प्रश्न | 1 प्रश्न | 1 प्रश्न | स्थिर |
| उच्च कोटि रैखिक DE (अचर गुणांक) | 1-2 प्रश्न | 1 प्रश्न | 1 प्रश्न | घटता |
मुख्य प्रेक्षण:
- सबसे अधिक भार:
- प्रथम-कोटि रैखिक अवकल समीकरण (चर पृथक्करण, समाकलन गुणांक)
- कोटि/घात का निर्माण (वैचारिक)
- सबसे कम भार:
- यथातथ उच्च कोटि अवकल समीकरण (कम बार)
- अनुप्रयोग-आधारित प्रश्न:
- कभी-कभी, शब्द-समस्याएँ (जैसे वृद्धि/क्षय, न्यूटन का ठंडन नियम) आती हैं।
3. कठिनाई स्तर अंकन योजना
- कठिनाई: अधिकांशतः मध्यम (NCERT-आधारित)।
- झटकेदार क्षेत्र:
- समाकलन गुणांक की पहचान।
- शब्द-समस्याओं में सीमा-शर्तें।
- नकारात्मक अंकन: गलत उत्तरों पर -1 (केवल आत्मविश्वास हो तो ही प्रयास करें)।
4. तैयारी युक्तियाँ
- फोकस क्षेत्र:
- प्रथम-कोटि अवकल समीकरण (80% भार)।
- दी गई समाधानों से DE का निर्माण अभ्यास करें।
- NCERT प्राथमिकता: उदाहरण व अभ्यास पूरी तरह कवर करें।
- PYQs अभ्यास: पैटर्न की पहचान के लिए 2022 2023 CUET पेपर हल करें।
5. 2024 की अपेक्षित प्रवृत्ति
- संभावित जोर:
- DE के अनुप्रयोग (वास्तविक जीवन समस्याएँ)।
- रैखिक DE (समाकलन गुणांक विधि)।
- कम भार: उच्च कोटि DE (यदि कोई हो)।
निष्कर्ष
CUET में अवकल समीकरण अंकदायक परंतु चयनात्मक विषय है। अधिकतम अंकों के लिए प्रथम-कोटि DE, निर्माण और रैखिक DE को प्राथमिकता दें। आत्मविश्वास के लिए NCERT + CUET PYQs का अभ्यास करें।
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